ओवररेट शराब बिक्री ने खोली पोल, अब नियुक्ति में देरी पर उठे सवाल


उप निरीक्षक निलंबित लेकिन नौ दिन बाद भी अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहा पूरा वृत्त

हरिमोहन तिवारी 




रायपुर। अभनपुर की देशी मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री का खुलासा होने के बाद आबकारी विभाग ने वृत्त प्रभारी नीलम स्वर्णकार को निलंबित कर दिया। हालांकि कार्रवाई के बाद भी पूरा मामला कई ऐसे पहलुओं की ओर इशारा कर रहा है, जिन पर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

विभाग की कार्रवाई के बीच सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि ओवररेट पर शराब बिक्री कहीं लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था का हिस्सा तो नहीं थी।



राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने छद्म ग्राहकों के माध्यम से एक ही दिन में तीन बार शराब खरीदी। तीनों बार निर्धारित सरकारी दर से अधिक राशि वसूली गई। 

जांच में कुल 400 रुपये अधिक वसूले जाने की पुष्टि होने के बाद विक्रेता शंकर लाल पटेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच प्रतिवेदन में संबंधित आबकारी उप निरीक्षक के पर्यवेक्षण और नियंत्रण को भी दोषपूर्ण माना गया। प्रतिवेदन के आधार पर आबकारी आयुक्त ने नीलम स्वर्णकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

लगातार तीन बार मिली एक जैसी अनियमितता

उड़नदस्ता की जांच में तीन अलग-अलग बार शराब खरीदी गई और हर बार निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली गई। लगातार तीन बार एक जैसी अनियमितता सामने आने से विभागीय हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि अधिक दर पर शराब बिक्री कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि नियमित रूप से अपनाई जा रही कार्यप्रणाली भी हो सकती है।

हालांकि इस संबंध में विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

निगरानी व्यवस्था पर भी उठने लगे सवाल

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की आकस्मिक जांच में अनियमितता सामने आने के बाद स्थानीय स्तर की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। यदि दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली जा रही थी, तो नियमित निरीक्षण के दौरान यह मामला पहले सामने क्यों नहीं आया, इसको लेकर विभाग के भीतर भी चर्चा है।

निलंबन के बाद भी नहीं हुई नियमित पदस्थापना

कार्रवाई को नौ दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभनपुर आबकारी वृत्त में अब तक किसी नए अधिकारी की नियमित पदस्थापना नहीं की गई है। पूरा वृत्त फिलहाल अतिरिक्त प्रभार के सहारे संचालित हो रहा है। 

संवेदनशील माने जाने वाले वृत्त में स्थायी प्रभारी की नियुक्ति नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

डी.डी. पटेल को दिया गया अतिरिक्त प्रभार 

जिला आबकारी अधिकारी डॉ. प्रवीण वर्मा ने बताया कि निलंबन के बाद विभागीय कार्य प्रभावित न हो, इसलिए सहायक आबकारी अधिकारी डी.डी. पटेल को अभनपुर आबकारी वृत्त का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 

नियमित पदस्थापना संबंधी निर्णय उच्च स्तर पर लिया जाएगा।

पूरे तंत्र की जांच की उम्मीद 

विभागीय कार्रवाई फिलहाल विक्रेता और संबंधित वृत्त प्रभारी तक सीमित है।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद यह अपेक्षा भी बढ़ गई है कि विभाग यह भी जांच करेगा कि अधिक दर पर शराब बिक्री की यह प्रवृत्ति केवल एक दुकान तक सीमित थी या अन्य दुकानों में भी इसी तरह की शिकायतें हैं।

साथ ही निगरानी व्यवस्था में यदि कहीं चूक हुई है तो उसकी जवाबदेही भी तय की जाएगी।

फिलहाल अभनपुर आबकारी का मामला केवल 400 रुपये की अतिरिक्त वसूली तक सीमित नहीं रह गया है। इसने विभागीय निगरानी, निरीक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है।

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