जल-जंगल-जमीन बचाने किसानों का हुंकार 30 मई को ग्राम अल्दा में होगा विशाल किसान महापंचायत
किसान के गोठ -: तिल्दा-खरोरा क्षेत्र में लगातार बढ़ते प्रदूषणकारी उद्योगों और किसानों की अनदेखी के खिलाफ अब ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। क्षेत्र की जल, जंगल, जमीन और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए 30 मई 2026, शनिवार को सुबह 10 बजे से ग्राम अल्दा बाजार चौक में “विशाल किसान महापंचायत” का आयोजन किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुम्हारी-मानपुर जलाशय, जो 20 से 25 गांवों की जीवनरेखा है, उसे उद्योगपतियों के हवाले करने की साजिश रची जा रही है। प्रस्तावित उद्योगों के लिए भूजल दोहन और जलाशय से पानी ले जाने की तैयारी की जा रही है, जिससे आने वाले समय में किसानों के खेत सूख जाएंगे और गांवों में पीने के पानी का संकट गहरा जाएगा।
महापंचायत आयोजकों ने साफ कहा है कि ग्रामीण अपनी जमीन, पानी और पर्यावरण को किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने देंगे। ग्रामसभाओं की अनुमति के बिना फर्जी प्रस्ताव बनाकर उद्योग स्थापित करने की कोशिशों का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 7 मई 2026 को ग्राम देवरी में शांतिपूर्ण विरोध कर रहे ग्रामीणों पर प्रशासन ने दमनात्मक कार्रवाई करते हुए लगभग 100 ग्रामीणों को जेल भेज दिया। इससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि सरकार और प्रशासन उद्योगपतियों के दबाव में ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महापंचायत में किसानों की बदहाल स्थिति, खाद की कालाबाजारी, डीजल की बढ़ती कीमत, समर्थन मूल्य और क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण जैसे मुद्दों पर निर्णायक रणनीति बनाई जाएगी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। साथ ही किसान नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण इस महापंचायत में शामिल होंगे।
आयोजकों ने कहा है कि यह लड़ाई केवल अल्दा और देवरी की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के अस्तित्व की लड़ाई है। यदि आज ग्रामीण नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियों को पानी, खेती और स्वच्छ वातावरण के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।


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