भारतीय रिजर्व बैंक बनाने का संकल्प डॉ बी आर आंबेडकर ने किया उन्ही की किताब के आधार पर स्थापना
राष्ट्रीय। भारत का गौरव भारतीय रिजर्व बैंक का स्थापना दिवस है। 1 अप्रैल 1935 को आरबीआई की स्थापना की गई थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक बनाने का संकल्प डॉ बी आर आंबेडकर ने किया था? जी हां, आरबीआई की स्थापना डॉ आंबेडकर की किताब 'द प्रॉब्लम ऑफ रुपी-इट्स ऑरिजन एंड इट्स बॉन्ड' के आधार पर ही की गई है।
भारतीय रुपये और आर्थिक इतिहास पर लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से पहले वाले डॉ आंबेडकर ने अपनी किताब में भारतीय रुपये के अवमूल्यन और स्थिति के बारे में विस्तार से बताया है और साथ ही रुपये को संभालने के लिए रवैया अर्थशास्त्री उपाय भी मानते हैं।1926 में अंग्रेजों ने रॉयल कमीशन को हिल्टन कमीशन के नाम से भी जाना जाता है, जिसे भारत भेजा जाता है क्योंकि पहले विश्व युद्ध के बाद भारतीय की स्थिति बहुत खराब हो रही थी। डॉ आंबेडकर हिल्टन कमीशन के सामने पेश हुए और अपनी किताब के आधार पर आरबीआई जैसे बैंकों के संकल्प आयोग के सामने पेश हुए। बाद में हिल्टन कमीशन ने बाबा साहब के सुझावों के आधार पर आरबीआई की स्थापना का प्रस्ताव दिया और इस तरह 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना हुई।पिछले दिनों बाबा साहेब के महान योगदान को रेखांकन करते हुए वाईएसआरसीपी की सातवीं सांसद चिंता अनुराधा ने संसद में मांग की थी कि आरबीआई की संकल्पना देने वाले बाबा साहेब की तस्वीर को भारतीय करेंसी पर भी छापें।आरबीआई के स्थापना दिवस पर हम महान अर्थशास्त्री, दूर ऋषि और आधुनिक भारत के निर्माता बाबा साहब डॉ आंबेडकर को नमन करते हैं।

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