कांग्रेस की जन अधिकार महारैली में सर्व अजा समाज नहीं होंगे शामिल
महासमुंद :- छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति के विभिन्न सामाजिक संगठनों को कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के द्वारा पत्र लिखकर 3 जनवरी को नये संशोधन आरक्षण विधेयक 2022 के समर्थन में जन अधिकार महारैली में शामिल होने आमंत्रित किया गया था। जिस पर अनुसूचित जाति के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मोहन मरकाम व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा से मिलकर नये संशोधन विधेयक में अजा वर्ग का आरक्षण 16% को 13% करने व पदोन्नति में आरक्षण की मामले कोर्ट में लंबित होने के बाद भी धड़ल्ले से पदोन्नति करने तथा आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के शिक्षक भर्ती में आरक्षण लागू नहीं करने पर विरोध दर्ज कराते हुए जन अधिकार रैली में अनुसुचित जाति समाज के शामिल नहीं होने की बात कहा गया।
प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेशाध्यक्ष आर पी भतपहरी व अन्य अजा वर्ग के सामाजिक संगठनों द्वारा प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को अनुसूचित जाति वर्ग की हेड काउंटिंग कराने हेतु प्रस्ताव भी सौंपा गया। जिसमें त्वरित कमेटी गठित कर मार्च तक पूर्ण कराके 16% आरक्षण करने अपील किया गया है। सारथी सुत समाज के प्रदेश प्रमुख शिव सारथी ने मोहन मरकाम से मिलकर ये अवगत कराया कि 2011 की जनगणना में सुत सारथी घासी जैसे पांच समाज को अजा वर्ग में शामिल नहीं किया गया था। जिसको 2016 में शामिल किया गया है। जबकि इनकी संख्या 3 लाख के करीब है। इसलिए अजा वर्ग की जनसंख्या 16% से अधिक होने की बात कहा। जिस कारण आरक्षण 16% करने की मांग किया ।
प्रदेश पदाधिकारियों के आदेशानुसार महासमुंद जिला के सर्व अनुसूचित जाति समाज द्वारा भी आनलाइन बैठक कर कांग्रेस द्वारा निकालने वाली जन अधिकार महारैली का विरोध करते हुए शामिल नहीं होने की निर्णय लिया है। जिला संयोजक दाऊ विजय बंजारे, देवेन्द्र रौतिया,तुलेंद्र सागर, व गाड़ा समाज के हीराराम नेताम ने जिला के समाज जनों से उक्त कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की अपील किया है। आनलाइन बैठक में जिला के साथ ही प्रदेश पदाधिकारी जितेन्द्र पाटले,एस आर बंजारे, के आर सागर शामिल रहे।

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