त्रिदिवसीय रामायण मासन गान लाफिनकला में

महासमुंद। त्रिदिवसीय रामायण मासन गान सम्मेलन ग्राम लाफिन कला में पूर्व विधायक डाॅ. विमल चोपड़ा ने ग्राम लाफिनकला में त्रिदिवसिय रामायण मानस गान सम्मेलन में अतिथि की आशंदी से उद्बोधन देने हुए कहा कि हिन्दू धर्म व  समाज के लिए यह  गौरव की बात  भवसागर से पार कराने वाले भगवान राम के नाम का मानस गान हमारे  सौभाग्य मिलना अपने आप में बड़ी बात है।



डाॅ. चोपड़ा ने कहा कि आज हमारे धर्म एवं संस्कृति पर भयंकर आघात हो रहा है उसे नष्ट करने का षड़यत्र विदेशी ताकतो द्वारा रचा जा रहा है। बस्तर में आदिवासी संस्कृति पर लगातार हो रहे आघात के कारण वहाँ बढ़ रहा धर्मांतरण है, जिसके विरोध में अब आदिवासी समाज प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहा है तो सरकार उन्हे जेल में डालकर रासुका जैसे कानून का उपयोग कर रही है जिसके कारण धर्मांतरण कराने वाली ईसाई मिशनरियो को बल मिल रहा है।

डाॅ. चोपडा़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज रामायण एवं श्रीमद् भगवद गीता महापुरण जैसे महान ग्रंथो के महता है कि आज अपनी संस्कृति एवं धर्म बचा है जिसकी रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।  

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसस प्रतिनिधि मोहन साहू ने कहा कि यह रामायण सम्मेलन में एकता एवं सौहार्द , भाई - भाई के अटूट प्रेम की व्याख्ता है। श्रीराम चन्द्र जिन्होने अपनी माता के आज्ञा एवं पिता के वचन को बनाये रखने के लिए चैदह वर्ष तपस्वी के भांति वनवास में रहें। मगर किसी प्रकार से कोई द्वेष की भावना अपने मन में लेकर

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