पूर्व विधायक ने राज्य सरकार पर आरोप क्रेंद के विकास कार्यों को अपनी उपलब्धि बता रही हैं।

महासमुंद। पूर्व विधायक विमल चोपड़ा ने राज्य के कांग्रेस सरकार और महासमुंद के विधायक विनोद सेवनलाल चन्द्राकर पर गंभीर आरोप लगये है केंद्र सरकार के विकास कार्यो को राज्य सरकार के उपलब्धि पता रही हैं। प्रधानमंत्री सड़क योजना से स्विकृत कार्यों को अपनी उपलब्ध बताकर प्रचारित करना स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार का खजाना खाली है। कार्यक्रम के हिसाब से केन्द्र सरकार द्वारा इन सड़क का नवनीकरण एवं नवीन सड़कों की स्विकृति दी जाती है जिसके अन्तर्गत ये कार्य स्विकृत हुये है इसके लिए विधायक महोदय का प्रयास शुन्य है। उन्होंने स्विकृत कार्यो की जानकारी होने के पश्चात उसे अखबारों में अपनी उपलब्धि बताकर प्रसारित मात्र किया है।

विगत दिनो विद्याकर्य महोदय द्वारा बाईपास रोड के लिए केन्द्रीय



मंत्री को पत्र लिखने एवं इसके शिघ्र स्थित होने का ढिढोरा पीटा गया उस समय उन्हें उनके सूत्रों ने कार्य के शिघ्र स्विकृत होने की जानकारी दी तो श्रेय हेतु पत्र लिखने एवं पत्र के रूटीन जवाब को शिघ स्विकृति कहकर प्रचारित किया गया जो अब असफलता के रूप में जनता के सामने है। सभी को पता है कि स्थानीय सांसद लगातार दिल्ली मंत्रालय के संपर्क में है यदि विधायक महोदय को शिघ्र कार्य कराना है तो ओवर ब्रिज की तरह राज्य शासन के मद से इसकी स्विकृति दिलाकर क्षेत्र वासियो की प्रशंसा बटोरे। 


महासमुंद शहर एवं क्षेत्र के लिए इन चार सालों में इनकी कोई उपलब्धि नहीं रही है। महासमुंद शहर हेतु न तो नहर लिंग रोड की स्विकृति दिला पाए और न ही बाय पास के लिए एक कदम आगे बढ़ा पाए। शहर की नगर पालिका को राज्य सरकार द्वारा पोषित एवं सामान्य अनुवाद भी दिलाने में विधायक महोदय की कोई रूचि नहीं रही।

सिरपुर को अन्तराष्ट्रिीय पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता की जो प्रक्रिया भाजपा शासन काल में मेरे द्वारा प्रारंभ करायी गयी उस पर एक कदम भी आगे न बढ़ना सोधनीय है बल्की इस क्षेत्र में पर्यटन की दृष्टि से बनी करोडों की सड़क को रेत माफिया द्वारा की गयी बर्बादी को बेबस होकर देखते रहना अनेक संदेहो को जन्म देता है।

स्वेच्छानुदान की करोड़ो की राशि के वितरण में बंदर बॉट के करण इसकी सूचि को सार्वजनिक न करना संदेह का पर्याप्त कारण है। स्वेच्छानुदान से लाखो की राशि गैर जरूरतमंद अपने लोगो को देना एवं जरूरत मंद लोगो को वंचित रखना शासकीय धन का दुरूपयोग है।

सिंचाई सुविधाओं से वंचित झलप पटेवा क्षेत्र के लोगो को राहत दिलाने हेतु सिकासेर चांघ के अतिरिक्त पानी को कोडार में लाने एवं झलप पटेवा में सिंचाई कराने की व्यवस्था हेतु प्रयास न करना स्पष्ट करता है कि इन्हें डालप पटेवा के किसानों की कोई चिंता नही है।

महाराद वासियो को करना पढ़ा ।

क्षेत्रका विजा का है। राज्य शासन के प्रभावशाली ओहदे पर होने ही विनोद चन्द्रार की निष्क्रीयता एवं क बावजूद क्षेत्र के कार्यों को शीघ्र संपादित कराने की कार्यवाही का परिणाम प्राप्त न होना इनकी मापपन्न करता है। २. शराब एवं माफिया से क्षेत्र के मुक्त न होने के बाद राज्य शासन के बजट से कोई विरोध कार्य का संपादन चारों में न हो पाना जनता के साथ धोखा है।

में विधायक द्वारा इसे अपनी उपलब्धी बताना हास्यस्पद है। जनता जानती है कि इसकी प्रशासनिक स्वीकृति एवं निर्माण कार्य डॉ रमन सिंग में मुख्यमंत्रिय कार्यकाल में मेरे द्वारा दिलवायी गयी एवं कार्य प्रारंभ हुआ एक वर्ष में पटरी पार का द्विज तैयार हो महासमुंद के ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर की जा रही बयान बाजी चुका था परंतु बचा आधा कार्य वर्तमान विधायक की निष्क्रीयता के कारण चार वर्षों में पूर्ण हो रहा है जबकी इसका लाभ जनता को तीन वर्ष पूर्व मिलना प्रारंभ होना चाहिए था।

मुआवजा देकर अच्छी जिंदगी गुजर बसर के लायक राशि दी गयी यही वर्तमान में लोगो ओवरब्रिज के निर्माण में भाजपा शासन काल में लोगों का भरपूर गया। विधायक द्वारा उन लोगों के मुआवजे को लेकर किसी प्रकार की पहल न करना उन को डरा धमकाकर जमीन खाली करा ली गयी परंतु अब तक मुआवजा नहीं दिया लोगो के साथ घोराही है जिन्होंने अपनी बसी बसायी जिंदगी इस शहर वासियों के लिए कुर्बान की मुआवजा राशि के साथ मिली स्वीकृति में न्याय नहीं दिला पाना विधायक की अक्षम्यता है।

बताकर बिना कुछ किये शहीद बताने जैसा है। महासमुंद मेडिकल कालेज भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा चुनाव 2019 के घोषणा पत्र का हिस्सा है जिसमें देश भर 75 नये महासमुंद को मेडिकल कालेज की सौगात को अपने उपलब्धि मेडिकल कालेज खोलने का संकल्प लिया गया जिसके तहत छत्तीसगढ़ को तीन नये मैडिकल कालेज महासमुंद, कांकेर एवं कोरबा को केन्द्र के आकांक्षी जिलें होने के कारण दिये गये। विधायक श्री विनोद चन्द्राकर स्वास्थ विभाग के संसदीय सचिव है उसके बावजूद वो दी वर्षों तक महासमुंद में मेडिकल कालेज के लायक सुविधा उपलब्ध नही करा पाए और 250 छात्रों को चिकित्सक बनाने से छत्तीसगढ़ वंचित हो गया। विधायक की निष्क्रीयता से आज केन्द्र द्वारा मेडिकल कालेज के भवन निर्माण हेतु दिये गये 185 करोड़ का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया। केन्द्र सरकार द्वारा द्वितीय चरण में देश के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कालेज का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अन्तर्गत छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार ने और चार मेडिकल कालेज के लिए निर्देशित किया है जिसमें राज्य सरकार ने अभी तक कोई खास प्रगति नही की है। इस प्रकार केन्द्र की सौगात को अपनी उपलब्धि बताना

करणी पावर प्लांट के संबंध में अपनी स्थिति को विधायक महोदय ने स्पष्ट नहीं कि है जिसके कारण लोगो के मन में आक्रोश है। अंतः विधायक महोदय को अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करना चाहिए।

चिरको में कालेज भवन को स्विकृत हुए लगभग एक वर्ष से उपर हो चुका है परंतु अभी तक कार्य का प्रारंभ न हो पाना शिक्षा क्षेत्र के प्रति विधायक महोदय की उदासिनता को बताता है। एकलव्य विद्यालय भवन तैयार परंतु अभी तक उसका उपयोग प्रारंभ नही होना सोचनीय है।

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