अवैध रूप से बिक रहे नशीली दवा, मादक पदार्थ पर रोक थाम हेतु सौंपा ज़िला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन
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नशीली दवाई और नशीली मादक पदार्थों पर रोकथाम के लिए प्रशासन के सामने सात माँगे रखी हैं
बस्तर 8 नवम्बर। ज़िला के युवा नशीली दवाई के चपेट में हैं और समाज का भविष्य अंधकार मय होता जा रहा है । समाज को इस बुराई से बचाने सक्षम समाज के साथ मिलकर नशा मुक्ति अभियान शुरु कर रहा है। युवा दवा के नशे में होगा तो बस्तर के साथ पूरा हिंदुस्तान में अंधकार में होगा । दवाई के अवैध कारोबार और अवैध शराब बिक्री को तुरंत प्रभाव से बंद न करवाया गया तो समाज स्वयं समाज के हित में कोई ना कोई शक्त कदम अवश्य उठाएगा क्यूँकि युवा ही हमारे देश का भविष्य हैं ।
1. बस्तर ज़िले में अनिवार्य रूप से नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की जाए , पूरे प्रदेश में बिलासपुर और दुर्ग दो ही ज़िलों में नशा मुक्ति केंद्र हैं।
2. सभी दवाई दुकानो के द्वारा ख़रीदी बिक्री प्रतिमाह ब्योरा लिया जाए और समाज सेवी संस्थाओं के समक्ष रखा जाए । जिससे यह ज्ञात हो सके कि कितनी दवाई आइ और बेची गई ।
3. बिना डाक्टर की पर्ची के किसी को भी प्रतिबंधित दवाई ना दी जाए और जिसको भी दवाई बेची जा रही है उसका आधार कार्ड और डाक्टर की पर्ची की एक प्रति दवाई दुकानदार के पास अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना अनिवार्य किया जाए अन्यथा प्रशासन दुकानदारो पर कार्यवाही करे ।
4. सभी मुख्य मार्ग में उपस्थित चाय दुकानो पर पुलिस द्वारा नज़र रखी जाए और चाय दुकानो की समय समय पर समाज के लोगों के सामने जाँच की जाए और वह जाँच समाज के आह्वान पर होनी चाहिए ।
5. शहर के कई स्थानो पर रात्रि १० बजे के बाद अवैध रूप से शराब की बिक्री होने की वजह से शहर माहौल ख़राब होता है जिसे तत्काल रूप से बंद के दिया जाए क्यूँकि शराब सरकार द्वारा संचालित योजना है और उसकी अवैध बिक्री भी अपराध है ।
6. ज़िले के प्रत्येक विद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान चलाने की अनुमति प्रशासन द्वारा समाज या सामाजिक संस्थाओं को दिया जाए।
7. विद्यालयों और अस्पतालो के आसपास किसी भी प्रकार के नशे के समान की ख़रीदी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए जैसे गुटका , सिगरेट इत्यादि ।
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